हिन्दी edition

by Altai Zeinalov
देहातों में बारिश के दिन नताली जब घर में बंद रहती है, तो उसे चिंता होती है कि उसके साथ खेलने के लिए कोई नहीं होगा। लेकिन जैसे ही बादल छंटते हैं, उसे आसमान से गिरा हुआ एक जादुई, बात करने वाला पोखर मिलता है! साथ मिलकर, वे कहानियाँ, एक जहाज का मलबे और अप्रत्याशित दोस्ती की इस दिल को छू लेने वाली कहानी में खूब सारे बड़े छींटे साझा करती हैं।
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